क्या सोमनाथ से अंटार्कटिका तक कोई भूभाग नहीं?
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सोमनाथ मंदिर के बाण स्तंभ से जुड़ा यह दावा वर्षों से लोगों को हैरान करता आया है।
सोमनाथ का रहस्यमयी बाण स्तंभ
इस स्तंभ पर दक्षिण दिशा में अबाधित ज्योतिर्मार्ग का उल्लेख मिलता है। आखिर इसका अर्थ क्या है?
GPS से सदियों पहले दिशा का ज्ञान कैसे था?
बाण स्तंभ को प्राचीन भारतीय खगोल और दिशा-ज्ञान से जोड़कर भी देखा जाता है।
सोमनाथ को प्रथम ज्योतिर्लिंग क्यों कहा जाता है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्रदेव ने भगवान शिव की आराधना कर यहां उनके ज्योतिर्लिंग स्वरूप का आशीर्वाद पाया।
सोना, चांदी और चंदन का सोमनाथ!
पौराणिक मान्यताओं में अलग-अलग युगों में सोमनाथ मंदिर के निर्माण को अलग सामग्री से जोड़ा गया है।
सोमनाथ ने सदियों के आक्रमण देखे
इतिहास में इस मंदिर पर कई बार आक्रमण और पुनर्निर्माण हुए। इसी कारण यह आस्था और पुनरुत्थान का प्रतीक माना जाता है।
1947 में फिर जागा सोमनाथ के पुनर्निर्माण का सपना
– स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। –
सोमनाथ — विनाश के बाद भी बार-बार पुनर्जीवित हुआ तीर्थ
आज का भव्य मंदिर भारत की धार्मिक आस्था, इतिहास और पुनर्निर्माण की लंबी यात्रा का साक्षी है।
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