दालों में आत्मनिर्भरता मिशन: ₹11,440 करोड़ का प्रावधान, 2030-31 तक 350 लाख टन उत्पादन लक्ष्य

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026: केंद्र सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने 11 अक्टूबर 2026 को ‘Mission for Aatmanirbharta in Pulses’ की पहली वर्षगांठ के मौके पर इसकी प्रगति और लक्ष्यों की जानकारी दी। यह मिशन 11 अक्टूबर 2025 को आरंभ हुआ था। वर्ष 2025-26 से 2030-31 के लिए 11,440 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान का उल्लेख है।

उत्पादन और खेती के लक्ष्य

PIB के अनुसार 2030-31 तक देश में दाल उत्पादन करीब 350 लाख टन करने और औसत उत्पादकता 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। तूर (अरहर), उड़द और मसूर की खेती बढ़ाने पर विशेष ध्यान है। यह लक्ष्य है, अभी प्राप्त उपलब्धि नहीं।

किसानों के लिए योजनाबद्ध सहायता

मिशन में छह वर्षों में 87.5 लाख नि:शुल्क बीज किट, 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज, 489 जिलों में क्लस्टर आधारित गतिविधियां और 1,000 दाल प्रसंस्करण इकाइयों की परिकल्पना शामिल है। यह योजना राष्ट्रीय स्तर की है।

खरीद व्यवस्था और MSP

सरकारी जानकारी में इच्छुक एवं पंजीकृत किसानों से तूर, उड़द और मसूर की खरीद के लिए NCCF और NAFED की भूमिका बताई गई है। PIB के अनुसार 2026-27 में उड़द MSP ₹8,200, तूर ₹8,450 और मसूर ₹7,000 प्रति क्विंटल निर्धारित है। खरीद के लिए संबंधित प्रक्रिया और पात्रता की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करें।

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए क्या अर्थ है?

उत्तर प्रदेश दाल उत्पादक राज्यों में शामिल है। हालांकि इस प्रेस नोट में मैनपुरी या किशनी के लाभार्थियों, खरीद केंद्रों या आवेदन तारीखों की अलग पुष्टि नहीं है। जिलेवार जानकारी के लिए कृषि विभाग अथवा अधिकृत खरीद एजेंसी की सूचना देखनी चाहिए।

क्या अभी आवेदन शुरू हैं?

PIB का यह दस्तावेज मिशन की प्रगति बताता है, किसी विशेष जिले में नया आवेदन खुलने की सूचना नहीं देता। अनजान वेबसाइटों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क या OTP देने से बचें।

आधिकारिक स्रोत और तथ्य-जांच

यह स्वतंत्र हिंदी समाचार रिपोर्ट भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल प्रेस विज्ञप्ति पढ़ें। हमने अन्य मीडिया की फोटो या लेख की नकल नहीं की है।

संपादक: Pavan Kumar | सुधार या प्रतिक्रिया भेजें।