द्राक्षारामम का अद्भुत रहस्य

क्या आपने ऐसे मंदिर के बारे में सुना है, जहाँ विशाल शिवलिंग, शक्तिपीठ और प्राचीन रहस्य एक ही स्थान पर मिलते हैं?

पंचारामों में विशेष स्थान

आंध्र प्रदेश के पांच प्रसिद्ध पंचाराम क्षेत्रों में द्राक्षारामम को सबसे विशाल और रहस्यमयी मंदिरों में गिना जाता है।

कार्तिकेय से जुड़ी कथा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, तारकासुर के दिव्य शिवलिंग के टुकड़ों में से एक को द्राक्षारामम में स्थापित किया गया था।

देवी माणिक्यांबा शक्तिपीठ

यह स्थान केवल शिवधाम ही नहीं, बल्कि देवी माणिक्यांबा से जुड़ा एक अत्यंत पवित्र शक्तिपीठ भी माना जाता है।

शिव और शक्ति का संगम

यहाँ भगवान शिव और देवी शक्ति की उपासना एक साथ होती है, जो इस मंदिर को बेहद खास बनाती है।

14 फीट का विशाल शिवलिंग

मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण लगभग 14 फीट ऊँचा स्फटिक शिवलिंग है, जिसकी पूजा दो मंजिलों से की जाती है।

आठ सोमेश्वर शिवलिंग

मान्यता है कि मुख्य शिवलिंग की प्रचंड ऊर्जा को संतुलित करने के लिए आठ दिशाओं में सोमेश्वर शिवलिंग स्थापित किए गए।

मंदिर के दिव्य रक्षक

यहाँ क्षेत्रपाल के रूप में भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा होती है। सप्त गोदावरी कुंड भी विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

कैसे करें दर्शन?

द्राक्षारामम पूर्वी गोदावरी क्षेत्र में स्थित है। राजमुंदरी और काकीनाडा से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।

आप क्या जानना चाहेंगे?

क्या आप द्राक्षारामम के विशाल शिवलिंग, शक्तिपीठ या पंचाराम रहस्य के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे? कमेंट में बताइए और “ॐ नमः शिवाय” जरूर लिखें।