अष्टकवर्ग क्या है? कुंडली के 337 बिंदुओं का रहस्य, शुभ-अशुभ भाव और ग्रह गोचर समझने की पूरी गाइड

अष्टकवर्ग क्या है? कुंडली में 337 बिंदु, भिन्नाष्टकवर्ग BAV और सर्वाष्टकवर्ग SAV की गणना का चित्र

अष्टकवर्ग क्या है? क्या आपने कभी किसी जन्म कुंडली में देखा है कि एक भाव में 35 बिंदु हैं, जबकि दूसरे भाव में केवल 20? क्या अधिक बिंदुओं का अर्थ हमेशा धन, सफलता और सौभाग्य होता है? और क्या कम बिंदुओं वाला भाव जीवन में परेशानियों की गारंटी देता है? वैदिक ज्योतिष में इन सवालों … Read more

नवांश कुंडली D9 कैसे पढ़ें? जन्म कुंडली से मिलान करने के 7 चरण, 5 उदाहरण और 9 बड़ी गलतियाँ

नवांश कुंडली D9 कैसे पढ़ें?– क्या आपने कभी अपनी जन्म कुंडली और नवांश कुंडली को एक साथ खोलकर देखा है? हो सकता है जन्म कुंडली में गुरु धनु राशि में दिखाई दे रहा हो, लेकिन नवांश कुंडली में वही गुरु किसी दूसरी राशि में नजर आए। संभव है कि जन्म कुंडली में शुक्र मजबूत माना … Read more

वक्री ग्रह क्या होते हैं? जन्म कुंडली में वक्री ग्रह क्या होते हैं? शनि, गुरु, बुध, शुक्र और मंगल की वक्री चाल का अर्थ, प्रभाव और पूरी जानकारी

वक्री ग्रह क्या होते हैं? जन्म कुंडली में वक्री ग्रह क्या होते हैं?– जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति देखते समय आपने अक्सर सुना होगा कि शनि वक्री हो गए हैं, बुध वक्री चल रहे हैं या गुरु की वक्री अवस्था शुरू हो गई है। ऐसे समाचारों के साथ कई बार परेशान करने वाले दावे … Read more

वक्री ग्रह क्या होते हैं? बुध, शुक्र, गुरु और शनि की उल्टी चाल का खगोलीय और ज्योतिषीय अर्थ

आकाश में कोई ग्रह तारों की पृष्ठभूमि की तुलना में कुछ समय उलटी दिशा में जाता हुआ दिखाई दे तो इसे प्रतिगामी या वक्री गति कहते हैं। यह पृथ्वी और दूसरे ग्रह की आपेक्षिक गति से उत्पन्न दिखाई देने वाला प्रभाव है।

कुंडली में लग्नेश क्या होता है? 12 लग्नों के स्वामी और महत्व

जन्म समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही राशि को लग्न कहते हैं। उस राशि का स्वामी ग्रह लग्नेश कहलाता है। पारंपरिक वैदिक ज्योतिष में लग्नेश की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

कुंडली में दो ग्रह एक साथ हों तो क्या होता है? ग्रह युति, 12 भाव और डिग्री की पूरी हिंदी गाइड

ग्रह युति क्या है? एक राशि में दो या तीन ग्रह होने पर क्या अर्थ बताया जाता है? युति, दृष्टि, भाव और डिग्री के उदाहरण सहित हिंदी गाइड।

कुंडली में ग्रहों की दृष्टि कैसे देखें? मंगल, गुरु और शनि की विशेष दृष्टि आसान उदाहरणों से समझें

ग्रह दृष्टि क्या है? मंगल 4-7-8, गुरु 5-7-9 और शनि 3-7-10 दृष्टि क्यों रखते हैं? जन्म कुंडली में भाव गिनने की आसान विधि और उदाहरण।

नवमांश कुंडली (D9 Chart) क्या है? जन्म कुंडली से अंतर, विवाह के संकेत, वर्गोत्तम ग्रह और गणना की पूरी गाइड

नवमांश कुंडली (D9 Chart) क्या है? क्या आपने कभी अपनी जन्म कुंडली और नवमांश कुंडली को साथ रखकर देखा है? दोनों में ग्रहों की स्थिति अलग क्यों दिखाई देती है? क्या ऐसा संभव है कि जन्म कुंडली में किसी ग्रह को मजबूत माना जाए, लेकिन नवमांश में उसकी स्थिति अलग हो? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—क्या … Read more

जन्म कुंडली के 12 भाव क्या बताते हैं? जानिए प्रथम से द्वादश भाव का अर्थ, ग्रहों का प्रभाव और कुंडली पढ़ने की पूरी विधि

जन्म कुंडली के 12 भाव क्या बताते हैं?- क्या आपने कभी अपनी जन्मकुंडली देखी है? उसमें बने 12 खाने, अलग-अलग अंक और सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र तथा शनि जैसे ग्रहों के नाम देखकर आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर इनका मतलब क्या होता है? कई लोग जन्मकुंडली में सातवें … Read more

4 अक्टूबर 2026 सूर्य-शनि प्रतियुति: 12 राशियों पर क्या असर पड़ेगा? जानें किसे लाभ और किसे सावधानी

4 अक्टूबर 2026 सूर्य-शनि प्रतियुति : रविवार, 4 अक्टूबर 2026 की शाम ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दिन सूर्य और शनि एक-दूसरे से लगभग 180 डिग्री की स्थिति में आ रहे हैं, जिसे ज्योतिष में प्रतियुति या Opposition कहा जाता है। उपलब्ध ग्रह-स्थिति के अनुसार 4 अक्टूबर को सूर्य कन्या … Read more

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