वक्री ग्रह क्या होते हैं? बुध, शुक्र, गुरु और शनि की उल्टी चाल का खगोलीय और ज्योतिषीय अर्थ
आकाश में कोई ग्रह तारों की पृष्ठभूमि की तुलना में कुछ समय उलटी दिशा में जाता हुआ दिखाई दे तो इसे प्रतिगामी या वक्री गति कहते हैं। यह पृथ्वी और दूसरे ग्रह की आपेक्षिक गति से उत्पन्न दिखाई देने वाला प्रभाव है।
